सलमान खान और राहुल रॉय का abstract illustration फोटो

राहुल रॉय: आशिकी से बिग बॉस तक का सफर और सलमान खान की मदद

1990 में रिलीज़ हुई आशिकी ने बॉलीवुड में रोमांस की परिभाषा बदल दी। इस फिल्म ने एक नए सुपरस्टार को जन्म दिया – राहुल रॉय। पहली ही फिल्म से वह युवाओं के आइकन बन गए। लंबे बाल, मासूम चेहरा और रोमांटिक अंदाज़… उन्होंने 90 के दशक में लाखों दिल जीत लिए।

राहुल रॉय की जिंदगी का संघर्ष भरा दौर
Illustration created for editorial use | Bollywood Novel

लेकिन स्टारडम के बाद आने वाला संघर्ष, शायद उन्होंने कभी नहीं सोचा था। आशिकी की सफलता के बाद उन्होंने लगभग 60 फिल्मों पर साइन कर दिए, जिनमें से करीब 25 लगातार फ्लॉप रहीं और कई प्रोजेक्ट अधूरे रह गए। जल्दबाज़ी में लिए फैसले उनके करियर के लिए भारी पड़ गए।

एक डिजिटल पेंटिंग जिसमें एक मध्यम आयु वर्ग का व्यक्ति गंभीर भाव के साथ सीधे कैमरे में देख रहा है। उसके बाल काले और बिखरे हुए हैं, और उसने एक काली जैकेट पहनी है। बैकग्राउंड में नीले और नारंगी रंग के अमूर्त ब्रशस्ट्रोक टेक्सचर हैं, जो एक नाटकीय प्रभाव दे रहे हैं।Illustration created for editorial use | Bollywood Novel

 

महेश भट्ट का सहारा और दूसरा मौका

लगातार असफलताओं के बीच निर्देशक महेश भट्ट ने उन्हें जुनून में कास्ट किया। एक श्रापित इंसान के इंटेंस किरदार में राहुल की परफॉर्मेंस ने दर्शकों को चौंकाया। इससे साबित हुआ कि वे सिर्फ चॉकलेट बॉय नहीं, बल्कि चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं के लिए भी तैयार हैं।

उनकी एक्टिंग देखकर यश चोपड़ा ने डर में ‘राहुल’ का रोल ऑफर किया—वही किरदार जो आगे चलकर शाहरुख खान के करियर का टर्निंग पॉइंट बना। मगर उस समय राहुल ने यह ऑफर ठुकरा दिया। यह निर्णय उनके लिए बड़ा मिस्ड चांस साबित हुआ।

हंसते हुए आदमी का एक कार्टून चित्रण, जिसमें उस पर सूर्य की किरणें पड़ रही हैं।Illustration created for editorial use | Bollywood Novel

 

करियर का ठहराव और निजी जिंदगी के मोड़

डर के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर स्थिति नहीं सुधरी। साल 2000 में उन्होंने मॉडल राज लक्ष्मी खानवलकर से शादी की और ऑस्ट्रेलिया शिफ्ट हो गए। मगर विदेश का जीवन उन्हें सुकून नहीं दे पाया और वे दोबारा मुंबई लौट आए—इंडस्ट्री में फिर से पैर जमाने के इरादे से।

बिग बॉस से लाइमलाइट में वापसी

2006 में राहुल ने बिग बॉस के पहले सीज़न में हिस्सा लिया और विजेता बने। इस जीत से उन्हें नई पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने Rahul Roy Productions शुरू किया और ऐलान नामक फिल्म बनाई, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली। व्यावसायिक झटकों के साथ उनकी शादी भी टूट गई।

ब्रेन स्ट्रोक और सलमान खान की इंसानियत

साल 2020 में शूटिंग के दौरान राहुल रॉय को गंभीर ब्रेन स्ट्रोक आया। उस कठिन घड़ी में आर्थिक हालात भी अच्छे नहीं थे। तभी मदद के लिए सामने आए बॉलीवुड के ‘भाईजान’ सलमान खान, जिन्होंने उनके इलाज में हाथ बंटाया। यह घटना फिर साबित करती है कि सलमान सिर्फ ऑन-स्क्रीन नहीं, ऑफ-स्क्रीन भी हीरो हैं।

इस सफर से क्या सीखें?

राहुल रॉय की जर्नी बताती है कि सफलता के साथ धैर्य ज़रूरी है, सही मौके को पहचानना और पकड़ना उतना ही अहम है, और मुश्किल समय में इंसानियत सबसे बड़ा सहारा बनती है। उतार-चढ़ाव हर करियर का हिस्सा हैं, पर हिम्मत और सही लोगों की मदद—दोनों मिलकर नई शुरुआत का रास्ता खोल देते हैं।

Bollywood Novel के लेखक हसन बाबू का सिनेमैटिक तस्वीर
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