Hasan Babu

Founder & Author – Bollywood Novel

हसन बाबू
बॉलीवुड सिनेमा और भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री पर लिखने वाले एक स्वतंत्र लेखक
और विश्लेषक हैं। उनका नज़रिया सिर्फ़ परदे पर दिखने वाली कहानियों तक
महदूद नहीं रहता, बल्कि उस पूरी व्यवस्था तक जाता है जो किसी फ़िल्म को
मुमकिन बनाती है — चाहे वो योजना हो, बजट हो, कारोबारी फ़ैसले हों या
रचनात्मक जोखिम।

हसन बाबू का मानना है कि सिनेमा महज़ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक संगठित
इंडस्ट्री है, जहाँ हर रचनात्मक फैसला किसी न किसी व्यावसायिक सोच से
जुड़ा होता है। ‘Bollywood Novel’ के ज़रिये उनकी कोशिश यही रहती है कि
चमक-दमक से आगे जाकर बॉलीवुड को एक ऐसी इंडस्ट्री के तौर पर समझा जाए,
जहाँ हर फ़िल्म सिर्फ़ एक कहानी नहीं बल्कि एक सोचा-समझा रचनात्मक और
कारोबारी निर्णय भी होती है।

उनके लेख अक्सर विश्लेषण आधारित होते हैं, जिनमें फ़िल्ममेकिंग की
प्रक्रिया, VFX की योजना, बजट संरचना, दर्शकों का बदलता व्यवहार और
कहानी कहने के व्यावसायिक असर पर तफ़सील से रोशनी डाली जाती है।
वे उन पहलुओं को सामने लाने की कोशिश करते हैं जिन पर आम तौर पर
चर्चा नहीं होती, लेकिन जो किसी फ़िल्म की कामयाबी या नाकामी में
अहम भूमिका निभाते हैं।

हसन बाबू का लेखन उन पाठकों के लिए है जो सिनेमा को सिर्फ़ देखने तक
महदूद नहीं रखना चाहते, बल्कि उसे समझना चाहते हैं — एक कला के रूप में,
एक व्यवसाय के रूप में और एक सांस्कृतिक दस्तावेज़ के रूप में।

विशेषज्ञता: बॉलीवुड विश्लेषण, फ़िल्म इंडस्ट्री इनसाइट्स,
सिनेमा बिज़नेस, VFX योजना, रचनात्मक और तकनीकी विवेचना